Breaking News

Tuesday, January 6, 2026

January 06, 2026

पैत्रक संपत्ति के बंटवारे और किरायेदारी समझौते में बड़ी राहत

 
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को पैतृक संपत्ति के बंटवारे और किरायेदारी समझौतों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया । पैतृक संपत्ति रजिस्ट्री में राहतनए नियमों के तहत पैतृक संपत्ति के बंटवारे की रजिस्ट्री अब मात्र 10,000 रुपये में संपन्न होगी । इसमें 5,000 रुपये स्टांप शुल्क और 5,000 रुपये रजिस्ट्री फीस निर्धारित की गई है । यह निर्णय प्रदेश में संपत्ति के कानूनी बंटवारे की प्रक्रिया को सरल और किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है ।

किरायेदारी समझौते पर 90 प्रतिशत छूटसरकार ने किरायेदारी समझौतों (रेंट एग्रीमेंट) पर भी बड़ी राहत देते हुए स्टांप शुल्क और रजिस्ट्री फीस में 90 प्रतिशत की छूट की घोषणा की है । इस निर्णय से किराये पर मकान देने और लेने वालों को कानूनी समझौते कराने में आर्थिक बोझ में काफी कमी आएगी ।

सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय प्रदेश में रजिस्ट्री व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और आम नागरिकों को कानूनी संरक्षण देने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है ।

Edited by Hari Bhan Yadav 

Wednesday, December 31, 2025

December 31, 2025

लखनऊ में पूर्व सांसद धनंजय सिंह सहित कई पर मुकदमा, ब्लॉक प्रमुख मांडवी सिंह के पति भी आरोपी


 

  लखनऊ : सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र स्थित स्वास्तिका सिटी कॉलोनी में सोमवार शाम हुए विवाद के मामले में पुलिस ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह, जौनपुर की ब्लॉक प्रमुख मांडवी सिंह के पति विनय सिंह और उनके साथ मौजूद 8–10 अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है ।

यह कार्रवाई मंगलवार शाम कॉलोनीवासियों द्वारा पुलिस कमिश्नर को वीडियो सबूत सौंपने के बाद की गई । घटना सोमवार, 29 दिसंबर की शाम की बताई जा रही है, जब कॉलोनी की मेन सड़क पर विनय सिंह द्वारा दीवार खड़ी कराए जाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया था ।

विवाद के दौरान तनाव बढ़ाप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध के बीच विनय सिंह ने फोन पर धनंजय सिंह से बात की । जब कॉलोनीवासियों ने धनंजय सिंह से बात करने से इनकार किया, तो स्थिति बिगड़ गई । 

आरोप है कि गुस्से में विनय सिंह ने ईंट उठाकर लोगों की ओर दौड़ लगाई और अपने साथ मौजूद सरकारी तथा निजी गनरों से कहा — “राइफल निकालो, गोली मार दो।”

इससे कॉलोनी में अफरातफरी फैल गई और लोग घरों में छिप गए । पुलिस कार्रवाई और लापरवाही का मामलामंगलवार को कॉलोनी के निवासियों ने पुलिस अधिकारियों से मिलकर वीडियो साक्ष्य सौंपे । इसके बाद धनंजय सिंह, विनय सिंह और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई ।
वहीं, प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर सुशांत गोल्फ सिटी थाना प्रभारी उपेंद्र सिंह को लाइन हाजिर किया गया है । आरोप है कि उन्होंने पहले केवल विनय सिंह की शिकायत पर कॉलोनीवासियों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की थी, जबकि घटना के वीडियो के बाद वास्तविक स्थिति सामने आई ।

 Edited by Hari Bhan Yadav 
December 31, 2025

बाराबंकी पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, आठ आरोपी गिरफ्तार

 "नौकरी और गेमिंग के नाम पर ठगते थे लोग, 'डिजिटल अरेस्ट' कर बनते थे फर्जी पुलिस अधिकारी"

 साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत बाराबंकी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

 पुलिस की संयुक्त टीम ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो देश के कई राज्यों में ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाओं में शामिल थे।गिरफ्तारी थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में साइबर सेल, स्वॉट, सर्विलांस यूनिट और थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान की गई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान दीपक तिवारी (अयोध्या), अंकित कटारिया (बागपत), मीनाक्षी वर्मा (बाराबंकी), विपिन वर्मा (उत्तराखंड), अब्दुल रिजवान (लखनऊ), मोहम्मद अफजल (लखनऊ), आदर्श राज (बाराबंकी) और इमरान सलीम (बागपत) के रूप में हुई है।पुलिस ने उनके कब्जे से 12 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, फर्जी अग्रीमेंट और ज्वाइनिंग लेटर सहित कई दस्तावेज बरामद किए हैं।पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य ऑनलाइन गेमिंग कॉल सेंटर, ओएलएक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर नौकरियों या ऑनलाइन बेटिंग गेम्स के नाम पर विज्ञापन डालते थे। 

बाद में संदिग्ध गतिविधियों का हवाला देकर खुद को फर्जी पुलिस अधिकारी बताते हुए लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” करने की धमकी देते थे और उनसे पैसों की ठगी करते थे।आरोपियों के बैंक खातों से जुड़े लेन-देन की जांच में पता चला है कि इन खातों में कई राज्यों — दिल्ली, गुजरात, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र — से साइबर ठगी की रकम जमा कराई गई थी।गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली नगर में धारा 318(4)/338/336(3)/340(2)/3(5) बीएनएस व धारा 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जांच में जुटी है ।

Edited by Hari Bhan Yadav 

Sunday, December 28, 2025

December 28, 2025

NHAI के ठेकेदार का काला धन चुराने वाले विनय त्यागी की मौत, गोली पुलिस वैन के अंदर मारी गई थी

हरिद्वार : पुलिस कस्टडी में घायल हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की मौत, 750 करोड़ रुपये की चोरी से जुड़ा था मामलाहरिद्वार जिले के लक्सर में पुलिस कस्टडी के दौरान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इतिहासशीटर विनय त्यागी की शुक्रवार देर रात ऋषिकेश एम्स में उपचार के दौरान मौत हो गई ।

जानकारी के अनुसार, विनय को कोर्ट पेशी के लिए जेल से लक्सर लाया जा रहा था, तभी दो अज्ञात बदमाशों ने पुलिस वैन पर फायरिंग कर दी । इसी दौरान हुई गोलीबारी में विनय त्यागी को भी गोली लग गई थी । पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश जारी है।विनय त्यागी पर आरोप था कि उसने NHAI ठेकेदार के कथित दो नंबर के करीब 750 करोड़ रुपये, सोना और जमीन से जुड़े कागजात चोरी किए थे । 

मृतक की बहन सीमा त्यागी का दावा है कि ठेकेदार ने ED की जांच से बचाने के लिए यह माल देहरादून स्थित अपने एक डॉक्टर मित्र के घर में छिपाया था, जिसे विनय ने वहां से निकाल लिया था और इसे प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपने की तैयारी कर रहा था ।सीमा त्यागी के अनुसार, इसी दौरान पुलिस ने विनय को गिरफ्तार कर लिया । 

उसका कहना है कि विनय की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।मृतक से जुड़े मामले में ठेकेदार का संबंध मेरठ क्षेत्र से बताया जा रहा है । फिलहाल पुलिस का कहना है कि वह घटना की सभी पहलुओं से जांच कर रही है ।

 Edited by Hari Bhan Yadav 

Saturday, December 27, 2025

December 27, 2025

टेंपो ड्राइवर से एयरलाइन मालिक तक का सफर

कानपुर  : कभी शहर की गलियों में टेंपो चलाकर जीवनयापन करने वाले श्रवण कुमार विश्वकर्मा आज अपनी खुद की एयरलाइन शुरू करने की तैयारी में हैं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने मेहनत और लगन से ऐसी मंज़िल हासिल की, जिसकी कल्पना बहुत कम लोग कर पाते हैं।

शुरुआत में श्रवण ने टीएमटी सरिया के कारोबार से अपने व्यावसायिक सफर की नींव रखी।  इसके बाद उन्होंने सीमेंट, माइनिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भी सफलता हासिल की और जल्द ही ट्रकों का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया। 
व्यावहारिक अनुभव और आत्मविश्वास ने उन्हें नए क्षेत्र में कदम रखने की प्रेरणा दी।वर्ष 2025 में श्रवण ने 'शंख एयरलाइंस' की नींव रखी—एक ऐसी कंपनी जो सस्ती और पारदर्शी हवाई सेवाएं देने का दावा करती है। उनका कहना है कि इस एयरलाइन का उद्देश्य आम और मध्यम वर्ग को किफायती हवाई यात्रा का अवसर देना है।हाल ही में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शंख एयरलाइंस को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया है, जिससे कंपनी को संचालन की दिशा में आगे बढ़ने की औपचारिक मंज़ूरी मिल गई है।

 श्रवण का कहना है कि उनकी एयरलाइन टिकट की कीमतों में पारदर्शिता रखेगी ताकि यात्रियों को अचानक बढ़े किराए का सामना न करना पड़े।श्रवण विश्वकर्मा की यह यात्रा बताती है कि जड़ों से जुड़े सपने जब मेहनत से पंख पाते हैं, तो उड़ान आसमान तक जाती है।

Edited by Hari Bhan Yadav 
December 27, 2025

उन्नाव दुष्कर्म मामला: कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत दिए जाने के खिलाफ CBI पहुंची सुप्रीम कोर्ट


नई दिल्ली -
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व उत्तर प्रदेश विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत दिए जाने और आजीवन कारावास की सजा निलंबित करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
CBI ने इस संबंध में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की। एजेंसी ने हाईकोर्ट के उस फैसले पर आपत्ति जताई है, जिसमें सेंगर की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत प्रदान की गई थी।
गौरतलब है कि उन्नाव दुष्कर्म मामला देशभर में चर्चित रहा है। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी सजा को निलंबित करते हुए जमानत दे दी थी।
अब सुप्रीम कोर्ट में CBI की याचिका पर सुनवाई के बाद यह तय होगा कि हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगेगी या नहीं। मामले पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं।

Edited by Hari Bhan Yadav 
December 27, 2025

आयुष्मान भारत योजना में संगठित फर्जीवाड़ा उजागर, STF ने मास्टरमाइंड सहित 7 आरोपी दबोचे


लखनऊ : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) से जुड़ी एक बड़े साइबर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। STF ने लखनऊ से इस गिरोह के मास्टरमाइंड समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह सिंडिकेट अपात्र व्यक्तियों के नाम पर फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाकर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा चुका है।STF के अनुसार, गिरोह उन्नत साइबर तकनीकों जैसे OTP बाईपास और फर्जी फैमिली ID में सदस्य जोड़ने जैसे तरीकों से अपात्र लोगों को पात्र घोषित कराता था। आरोप है कि इसमें Implementation Support Agency (ISA) और State Health Agency (SHA) स्तर पर भी मिलीभगत रही। फर्जी कार्डों के जरिए निजी अस्पतालों में नकली इलाज दिखाकर सरकारी धन की निकासी की जाती थी।ऐसे हुआ राजफाशSTF साइबर टीम ने जून 2025 में प्रयागराज से इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया था। तकनीकी जांच और पूछताछ के बाद गिरोह के मुख्य नेटवर्क का पता लखनऊ में चला। डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स, डिवाइस एनालिसिस और मुखबिर की सूचना के आधार पर 24 दिसंबर 2025 की रात गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में छापेमारी कर सातों आरोपियों को दबोच लिया गया।गिरफ्तार आरोपीचन्द्रभान वर्मा – मास्टरमाइंड, पूर्व साइबर कैफे संचालकराजेश मिश्रा – पूर्व ISA एक्जीक्यूटिवसुजीत कनौजिया – वर्तमान ISA एक्जीक्यूटिवसौरभ मौर्या – वर्तमान ISA एक्जीक्यूटिवविश्वजीत सिंह – SHA (ग्रीवांस) सेक्शन कर्मचारीरंजीत सिंह – आयुष्मान मित्र, कैंसर संस्थान, लखनऊअंकित यादव – गिरोह का सहयोगीबरामद सामग्रीगिरफ्तार आरोपियों के पास से STF ने 12 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, 129 फर्जी आयुष्मान कार्डों का डिजिटल डेटा, 70 कार्डों के स्क्रीनशॉट, कई ATM और PAN कार्ड, आधार, वोटर ID, पासबुक, फिंगरप्रिंट स्कैनर, CPU, प्रिंटर, QR कोड, ₹60,370 नकद तथा एक अर्टिगा कार बरामद की है।मास्टरमाइंड के कबूलनामे ने खोले राजपूछताछ में मास्टरमाइंड चन्द्रभान वर्मा ने खुलासा किया कि वह प्रत्येक फर्जी कार्ड के बदले ₹6,000 वसूला करता था। OTP बाईपास तकनीक से पात्र परिवारों की फैमिली ID में अपात्र लोगों को जोड़कर उनके लिए आयुष्मान कार्ड बनवाए जाते थे।

Edited by Hari Bhan Yadav