पटना, 16 दिसंबर 2025। नवादा ज़िले के भट्टा गांव में कपड़ा फेरीवाले मोहम्मद अतहर हुसैन की मॉब लिंचिंग की घटना के विरोध में सोमवार को भाकपा(माले) और इंसाफ मंच की अगुवाई में बिहारभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। राजधानी पटना सहित कई ज़िलों में प्रतिवाद सभाएं और मार्च निकाले गए।पटना में बुद्ध स्मृति पार्क के पास आयोजित मुख्य सभा में नागरिक समाज के विभिन्न वर्गों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभा को ऐपवा महासचिव मीना तिवारी, भाकपा(माले) विधायक संदीप सौरभ, पूर्व विधायक गोपाल रविदास, एमएलसी शशि यादव, पीयूसीएल के राज्य सचिव सरफराज, और भाकपा(माले) नेत्री दिव्या गौतम समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकपा(माले) पटना नगर सचिव जितेंद्र कुमार ने की, जबकि संचालन एआईपीएफ के कमलेश शर्मा ने किया।प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि मोहम्मद अतहर हुसैन की हत्या में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर उन्हें सख्त सज़ा दी जाए। उन्होंने पीड़ित परिवार को सुरक्षा, न्याय और उचित मुआवज़ा देने, झूठे मुकदमों को रद्द करने, तथा दोषी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग रखी। साथ ही, बुलडोज़र कार्रवाई और भीड़ हिंसा की प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।वक्ताओं ने कहा कि यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द पर गंभीर प्रश्न उठाती है। उनका आरोप था कि राज्य में वर्तमान राजनीतिक माहौल और सरकार की नीतियों के चलते सांप्रदायिक तनाव बढ़ा है। वक्ताओं ने कहा कि बिहार को किसी “प्रयोगशाला” में बदलने का प्रयास सामाजिक एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए घातक साबित हो सकता है।गौरतलब है कि 5 दिसंबर को नवादा के भट्टा गांव में मोहम्मद अतहर हुसैन पर कथित चोरी के शक में हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल हुसैन ने पटना मेडिकल कॉलेज में 12 दिसंबर को दम तोड़ दिया। परिजनों और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने इस घटना के लिए पुलिस और प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।भाकपा(माले) और इंसाफ मंच ने जनता से अपील की है कि “संविधान, लोकतंत्र और इंसाफ की रक्षा के लिए” एकजुट होकर भीड़तंत्र और नफरत की राजनीति के खिलाफ आवाज़ उठाएं।