अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में जलालाबाद के पास स्थित प्राचीन स्थल ‘हड्डा’ कभी बुद्ध से संबंधित पवित्र अवशेषों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध था.
यही कारण है कि इसे ‘हड्डा’ कहा गया।इतिहासकारों के अनुसार, यह स्थल लगभग 15 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ था और यहाँ अनेक बौद्ध स्तूप, विहार और चैत्य बने हुए थे. हड्डा से अब तक करीब 23,000 उत्कृष्ट मूर्तिकला नमूनों की खोज हो चुकी है, जो इसके विशाल धार्मिक और सांस्कृतिक प्रभाव को दर्शाते हैं. चीन के प्रसिद्ध यात्री फाहियान और ह्वेनसांग ने भी अपने ऐतिहासिक भ्रमण के दौरान हड्डा की यात्रा की थी, जो उस समय इसे बौद्ध आस्था और अध्ययन का एक प्रमुख केंद्र साबित करती है.
Edited by Hari Bhan Yadav