कोर्ट ने साफ किया कि यह राहत केवल अपील लंबित रहने की अवधि तक प्रभावी रहेगी और दोष सिद्धि बरकरार रहने पर शेष सजा भुगतनी होगी।
जमानत की शर्तेंसेंगर को दिल्ली में ही रहने और हर सोमवार स्थानीय पुलिस के समक्ष हाज़िरी देने का निर्देश दिया गया है।
हाई कोर्ट ने उन्हें पीड़िता के दिल्ली स्थित आवास के पांच किलोमीटर के दायरे में न आने और पीड़िता या उसकी मां को किसी भी प्रकार से धमकाने से सख्ती से रोका है।
उल्लंघन पर सख्त चेतावनीअदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर सेंगर की जमानत तुरंत रद्द कर दी जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि सेंगर को आवश्यक होने पर शेष सजा पूरी करने के लिए उपलब्ध रहना होगा।
मामले की पृष्ठभूमिदिल्ली की विशेष अदालत ने 2019 में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सेंगर को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी और 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
आरोप के अनुसार 2017 में उन्नाव जिले में नाबालिग पीड़िता का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया गया और बाद में उसे 60 हजार रुपये में बेचे जाने की बात भी सामने आई थी ।